गुना। गुना की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के दिल्ली रवाना होते ही स्थानीय विधायक पन्नालाल शाक्य अचानक सक्रिय नजर आए। उन्होंने ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के समापन कार्यक्रम में पहुंचकर हिस्सा लिया, जिसके बाद उनकी यह सक्रियता राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।
दरअसल, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया चार दिवसीय गुना दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने कई हाई-प्रोफाइल बैठकों और कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, लेकिन स्थानीय विधायक पन्नालाल शाक्य इन कार्यक्रमों में कहीं नजर नहीं आए। उनकी अनुपस्थिति को लेकर पहले से ही चर्चाओं का दौर चल रहा था।
हालांकि, जैसे ही सिंधिया दिल्ली के लिए रवाना हुए, विधायक पन्नालाल शाक्य सीधे कूनो नदी के उद्गम स्थल ग्राम पांज पहुंचे और वहां ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के समापन कार्यक्रम में शामिल होकर अभियान का विधिवत समापन किया।
नदी तट पर आयोजित इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अरविंद धाकड़, सीईओ अभिषेक दुबे सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस अवसर पर कुओं, बावड़ियों, तालाबों और नदियों के संरक्षण में योगदान देने वाले समाजसेवियों और कार्यकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
विधायक की इस अचानक सक्रियता ने राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि कुछ दिन पहले इसी कूनो नदी के उद्गम स्थल पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पूजा-अर्चना कर करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं का शिलान्यास किया था। ऐसे में उनके पूरे दौरे से दूरी बनाए रखने के बाद विधायक का समापन कार्यक्रम में पहुंचना अब चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
विपक्ष से लेकर भाजपा संगठन तक, हर कोई विधायक के इस बदले हुए रुख के राजनीतिक मायने तलाश रहा है। कार्यक्रम के दौरान विधायक और अधिकारियों ने जल स्रोतों के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने का संकल्प भी दोहराया।
फिलहाल गुना की सियासत में विधायक पन्नालाल शाक्य का यह देर से दिखा एक्शन नई राजनीतिक बहस को जन्म दे रहा है और आने वाले दिनों में इस पर चर्चाएं और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

