ग्वालियर। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। ग्वालियर की विशेष MP-MLA कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। यह कार्रवाई लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान दिए गए एक विवादित बयान और कोर्ट के बार-बार जारी किए गए नोटिस के बावजूद पेश न होने पर की गई है। सुनवाई के दौरान अदालत ने भिंड पुलिस की कार्यशैली पर भी कड़ी नाराजगी जताई और तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि नेताजी हर जगह दिखाई दे रहे हैं, लेकिन पुलिस को ही नजर नहीं आ रहे।
पूरा मामला लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़ा है। 27 अप्रैल 2024 को जीतू पटवारी भिंड के ऊमरी कस्बे में कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित करने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने बसपा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि उन्होंने भाजपा से सांठगांठ कर ली है और मंच से यह भी कहा था कि बसपा प्रत्याशी भाजपा से माल लेकर आए हैं।
इस बयान के बाद बसपा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया ने 4 मई 2024 को ऊमरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। मामला जांच के बाद अदालत पहुंचा, जहां सुनवाई शुरू हुई।
कोर्ट ने 16 जनवरी 2026 को जीतू पटवारी को पेश होने के लिए नोटिस जारी किया था, लेकिन वे निर्धारित तारीख पर अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इसे गंभीरता से लेते हुए विशेष MP-MLA कोर्ट ने अब उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई तय की है और पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अगली तारीख पर जीतू पटवारी को हर हाल में कोर्ट के सामने पेश किया जाए।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने भिंड पुलिस को भी कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जीतू पटवारी लगातार सार्वजनिक कार्यक्रमों और राजनीतिक गतिविधियों में नजर आ रहे हैं, लेकिन पुलिस उन्हें तलाश नहीं पा रही है। कोर्ट की इस सख्त टिप्पणी के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल तेज हो गई है।
अब सबकी नजर 27 जुलाई की सुनवाई पर टिकी है, जब यह साफ होगा कि पुलिस कोर्ट के आदेश का पालन कर पाती है या नहीं और इस मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है।

