इंदौर नगर निगम में नक्शों का बड़ा खेल! करोड़ों के राजस्व घोटाले की आशंका, आयुक्त ने खुलवाई एक साल की फाइलें

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर नगर निगम में भवन निर्माण के नक्शों को मंजूरी देने की प्रक्रिया पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले एक साल में नक्शा पास करने से मिलने वाले राजस्व में अचानक आई भारी गिरावट के बाद नगर निगम प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। निगम आयुक्त ने पिछले एक वर्ष में स्वीकृत किए गए सभी भवन नक्शों की फाइलें खोलने के आदेश दिए हैं। खास बात यह है कि जांच उसी जोन के अधिकारी नहीं करेंगे, बल्कि दूसरे जोन के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि जांच पूरी तरह निष्पक्ष हो सके।

नगर निगम को हर साल भवन निर्माण के नक्शों की मंजूरी से करोड़ों रुपये का राजस्व मिलता है, लेकिन इस बार पिछले वर्षों की तुलना में आय में बड़ी कमी दर्ज की गई। इसी गिरावट ने अधिकारियों को शक में डाल दिया कि कहीं नियमों की अनदेखी कर कम शुल्क लेकर नक्शे तो मंजूर नहीं किए गए या फिर राजस्व में किसी तरह की गड़बड़ी तो नहीं हुई। इन्हीं आशंकाओं को देखते हुए अब पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

निगम आयुक्त ने जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब जिस जोन में नक्शे पास हुए हैं, उनकी जांच दूसरे जोन के अधिकारी करेंगे। माना जा रहा है कि इससे यदि किसी स्तर पर मिलीभगत या अनियमितता हुई होगी तो उसके सामने आने की संभावना बढ़ जाएगी।

जांच के दौरान पिछले एक साल में स्वीकृत हजारों भवन नक्शों की फाइलों की पड़ताल होगी। अधिकारियों की टीम यह जांच करेगी कि सभी मामलों में निर्धारित नियमों के अनुसार शुल्क वसूला गया या नहीं, नक्शों की मंजूरी प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता हुई या नहीं और कहीं जानबूझकर नगर निगम को राजस्व का नुकसान तो नहीं पहुंचाया गया।

अब इस जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि जांच में राजस्व की हानि, नियमों के उल्लंघन या किसी अधिकारी-कर्मचारी की मिलीभगत सामने आती है, तो संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि नगर निगम को करोड़ों रुपये के संभावित नुकसान के पीछे आखिर जिम्मेदार कौन है।

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