नरसिंहपुर। मशहूर सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन को अब मध्य प्रदेश से भी समर्थन मिलने लगा है। नरसिंहपुर जिले की चर्चित महिला सरपंच और भारत की ‘पैडवुमेन’ के नाम से पहचान रखने वाली माया विश्वकर्मा ने उनके समर्थन में एक दिन का उपवास रखा। उनके इस कदम के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
नरसिंहपुर जिले के मेहरागांव की सरपंच माया विश्वकर्मा ने कहा कि उनका उपवास केवल किसी एक व्यक्ति के समर्थन के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, पर्यावरण संरक्षण और जनहित के मुद्दों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाने के लिए है। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग को ऐसे मुद्दों पर जागरूक होकर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
बताया जा रहा है कि सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों और कथित अनियमितताओं पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। उनके आंदोलन को कई सामाजिक संगठनों और छात्रों का भी समर्थन मिल रहा है।
वहीं, माया विश्वकर्मा की बात करें तो वह नरसिंहपुर के मेहरागांव की सरपंच हैं और ग्रामीण महिलाओं के लिए किए गए अपने कामों की वजह से देशभर में पहचान बना चुकी हैं। बायोकेमिस्ट्री में शोध करने के बाद उन्होंने गांव लौटकर महिलाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और रोजगार के लिए काम शुरू किया। इसी उद्देश्य से उन्होंने सुकर्मा फाउंडेशन की स्थापना की और वर्ष 2022 में अपने गांव की निर्विरोध सरपंच चुनी गईं।
अब सोनम वांगचुक के समर्थन में उनका यह एक दिन का उपवास सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों तक चर्चा का विषय बना हुआ है।

