दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में सियासी मुकाबला अब और दिलचस्प होता नजर आ रहा है। एक तरफ आजाद समाज पार्टी ने आधिकारिक तौर पर चुनावी मैदान में उतरकर मुकाबले को नया मोड़ दे दिया है, तो दूसरी तरफ क्षत्रिय समाज ने भारतीय जनता पार्टी के समर्थन का ऐलान कर चुनावी समीकरणों को बदलने के संकेत दे दिए हैं।
आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी दामोदर यादव समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। सुरक्षा व्यवस्था के चलते पुलिस ने समर्थकों को मुख्य गेट पर ही रोक दिया, जिसके बाद दामोदर यादव केवल चार प्रस्तावकों के साथ अंदर पहुंचे और निर्वाचन अधिकारी के सामने नामांकन जमा किया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आजाद समाज पार्टी की एंट्री से दतिया में मुकाबला अब त्रिकोणीय हो सकता है।
इधर दतिया के एक निजी रिसोर्ट में आयोजित क्षत्रिय समाज की बैठक में समाज के प्रतिनिधियों ने आगामी उपचुनाव में भाजपा का समर्थन करने का निर्णय लिया। समाज के लोगों ने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा का विरोध किया था, लेकिन इस बार वे अपना रुख बदल रहे हैं।
बैठक के दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने पूर्व विधायक और कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में अपेक्षित विकास नहीं हुआ और जनता कई समस्याओं से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि दतिया को विकास की जरूरत है और इसी उद्देश्य से इस बार भाजपा का समर्थन किया जा रहा है।
क्षत्रिय समाज ने पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थन का भी ऐलान किया और कहा कि क्षेत्र में विकास की गति तेज करने के लिए वे उनके साथ खड़े हैं। अब आजाद समाज पार्टी की एंट्री और क्षत्रिय समाज के बदले रुख के बाद दतिया उपचुनाव का सियासी मुकाबला पहले से कहीं ज्यादा रोचक और कांटे का होता दिखाई दे रहा है।

