मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सरकार ने अनुपूरक बजट पेश कर दिया। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने सदन के पटल पर बजट रखा, जिस पर अब बुधवार को चर्चा होगी। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने अनुपूरक बजट पर चर्चा के लिए एक घंटे का समय निर्धारित किया है।
सदन की कार्यवाही के दौरान प्रदेश में पानी और सिंचाई परियोजनाओं का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। बदनावर सिंचाई परियोजना में देरी को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पानी का विषय किसी एक क्षेत्र का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का है और इसे लेकर सरकार सर्वदलीय बैठक बुलाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में केन-बेतवा समेत कई बड़ी सिंचाई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। कुछ योजनाएं समय लेती हैं, लेकिन सरकार उनका समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी दलों के साथ मिलकर प्रदेश के जल संकट और सिंचाई से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
वहीं, विधानसभा में संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा भी गूंजा। कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे ने सरकार से इस संबंध में सवाल पूछा। जवाब में मंत्री कृष्णा गौर ने बताया कि 10 वर्ष से अधिक अनुभव रखने वाले संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया लगभग 50 प्रतिशत तक पूरी हो चुकी है और आगे भी इस दिशा में काम जारी रहेगा।
मंत्री ने यह भी बताया कि संविदा कर्मचारियों के लिए रिक्त पदों में 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि महिला संविदा कर्मचारियों को प्रसूति अवकाश की पात्रता फिलहाल प्राप्त नहीं है।
अब विधानसभा के तीसरे दिन अनुपूरक बजट पर चर्चा के साथ-साथ पानी, सिंचाई और संविदा कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर भी सदन में गर्मागर्म बहस होने की संभावना है।

