खंडवा। सावन मास के पहले दिन मध्य प्रदेश की पवित्र नगरी ओंकारेश्वर शिवमय नजर आई। रिमझिम बारिश के बीच भी लाखों श्रद्धालुओं की आस्था अडिग रही और सुबह से ही बाबा ओंकारेश्वर एवं ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। पूरा मंदिर परिसर दिनभर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से गूंजता रहा।
देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने सबसे पहले मां नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद भक्तों ने बाबा ओंकारेश्वर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर विधि-विधान से जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को बेलपत्र, दूध, पुष्प और धतूरा अर्पित कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की।
सावन के पहले दिन सुबह से ही तीर्थनगरी में भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। हल्की बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और दिन चढ़ने के साथ मंदिरों में भक्तों की संख्या लगातार बढ़ती गई।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट और जिला प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए सुरक्षा, बैरिकेडिंग और अन्य जरूरी इंतजाम किए गए, जिससे भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
सावन के पहले ही दिन ओंकारेश्वर में उमड़ी यह आस्था एक बार फिर यह साबित कर गई कि भगवान शिव के प्रति श्रद्धालुओं का विश्वास हर मौसम और हर परिस्थिति से बड़ा है।

