भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में कई बड़े और अहम फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने किसानों, स्वास्थ्य, खेल, शिक्षा और डिजिटल सेवाओं से जुड़ी 32 हजार 70 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं को मंजूरी दी।
बैठक का सबसे बड़ा फैसला सहकारिता विभाग की ‘कवच योजना’ को मंजूरी देना रहा। इस योजना के जरिए सहकारी समितियों की अनियमितताओं के कारण डिफॉल्टर घोषित हुए करीब 5 हजार किसानों को राहत मिलेगी। अब ये किसान दोबारा सरकारी योजनाओं और नए कृषि ऋण का लाभ उठा सकेंगे। योजना के तहत 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था अपेक्स बैंक और जिला सहकारी बैंक करेंगे, जबकि राज्य सरकार 25 करोड़ रुपये का योगदान देगी।
कैबिनेट ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए भी बड़े वित्तीय प्रावधान किए हैं। जिला और सिविल अस्पतालों तथा औषधालयों के संचालन के लिए 12 हजार 517 करोड़ 99 लाख रुपये, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए 11 हजार 812 करोड़ 2 लाख रुपये, जबकि प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के लिए 2 हजार 448 करोड़ 79 लाख रुपये मंजूर किए गए।
मलेरिया और अन्य वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए भी बड़ी राशि स्वीकृत की गई है, ताकि स्वास्थ्य आपदाओं से बेहतर तरीके से निपटा जा सके और जिला व ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाया जा सके।
खेल क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 2 हजार 460 करोड़ 57 लाख रुपये की खेल अवसंरचना योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत प्रदेश में आधुनिक स्टेडियम, खेल प्रशिक्षण केंद्र और खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए राज्य डेटा सेंटर के उन्नयन, संचालन और रखरखाव हेतु 1 हजार 99 करोड़ 58 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे सरकारी डिजिटल सेवाओं और ई-गवर्नेंस को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
कैबिनेट ने जनजातीय कार्य विभाग के शैक्षणिक कैडर के सहायक शिक्षकों, उच्च श्रेणी के शिक्षकों और प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के लिए भी बड़ा फैसला लिया है। 35 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले पात्र शिक्षकों को 1 जुलाई 2023 से चौथा क्रमोन्नत वेतनमान देने की मंजूरी दे दी गई है।
सरकार का कहना है कि इन फैसलों से किसानों को राहत, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती, खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं, शिक्षा क्षेत्र को प्रोत्साहन और प्रदेश में डिजिटल व्यवस्थाओं का विस्तार सुनिश्चित होगा।

