दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को खुला पत्र लिखते हुए कहा है कि दतिया का जनादेश साफ संदेश देता है कि प्रदेश की जनता अब केवल घोषणाएं और वादे नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और ठोस परिणाम चाहती है। पटवारी ने इस पत्र को सोशल मीडिया पर भी साझा किया है।
पत्र में जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि सत्ता और विपक्ष मिलकर मध्य प्रदेश में ‘श्वेत-पत्र’ जारी करने की नई और स्वस्थ राजनीतिक परंपरा शुरू करें, ताकि जनता के सामने सरकार की वास्तविक स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना पूरी पारदर्शिता के साथ रखी जा सके।
जीतू पटवारी ने लिखा कि दतिया का फैसला सिर्फ एक विधानसभा क्षेत्र का परिणाम नहीं है, बल्कि यह पूरे मध्य प्रदेश की जनता की सोच और उम्मीदों को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत यही है कि वह सत्ता और विपक्ष, दोनों को जनता के प्रति जवाबदेह बनाता है। इसलिए इस जनादेश को केवल हार-जीत के नजरिए से नहीं, बल्कि प्रदेश के बेहतर भविष्य के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सुझाव दिया कि सरकार बिजली और पेयजल व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों की समस्याएं, रोजगार, कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, आदिवासी समाज और दलित-पिछड़े वर्ग से जुड़े मुद्दों पर क्रमवार श्वेत-पत्र जारी करे, ताकि जनता के सामने वास्तविक तस्वीर आ सके।
जीतू पटवारी ने यह भी कहा कि कांग्रेस इन सभी विषयों पर अपने तथ्य, सुझाव और दृष्टिकोण सार्वजनिक रूप से रखने के लिए तैयार है। उनका कहना है कि स्वस्थ लोकतंत्र में बहस का आधार आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि तथ्य, आंकड़े और जवाबदेही होनी चाहिए।
उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि सरकार इस पहल को स्वीकार करती है, तो जनता के बीच यह संदेश जाएगा कि सरकार जनहित के मुद्दों पर खुली चर्चा, पारदर्शिता और आत्ममंथन के लिए गंभीर है।

