मानसिक रोगियों को अस्पताल पहुंचाएगी मध्य प्रदेश पुलिस; अच्छा काम करने वाले पुलिसकर्मियों को मिलेगा पुरस्कार!

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस अब कानून व्यवस्था संभालने के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है। प्रदेश में मानसिक रूप से परेशान, बीमार या असहाय लोगों को सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी अब पुलिसकर्मियों की होगी। पुलिस मुख्यालय के अपराध अनुसंधान विभाग ने इस संबंध में प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।

मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों की सुरक्षा पुलिस की जिम्मेदारी

पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि ड्यूटी के दौरान अगर कोई मानसिक रूप से अस्वस्थ, परेशान या असहाय व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर मिलता है, तो पुलिसकर्मी उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे और जरूरत पड़ने पर उसे अस्पताल तक पहुंचाएंगे।

पुलिस के मुताबिक मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोग कई बार अपना घर या रास्ता भूलकर भटक जाते हैं। ऐसी स्थिति में वे अनजाने में खुद को या आसपास मौजूद दूसरे लोगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए समय पर उनकी मदद करना बेहद जरूरी है।

पुलिसकर्मी कर सकेंगे इमरजेंसी फंड का इस्तेमाल

मानसिक रूप से बीमार या असहाय व्यक्ति की मदद के दौरान जरूरी खर्च के लिए पुलिसकर्मियों को इमरजेंसी फंड का इस्तेमाल करने की अनुमति भी दी गई है। इसका उद्देश्य यह है कि पैसों की कमी के कारण किसी जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर उपचार या सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में देरी न हो।

अच्छा काम करने वाले पुलिसकर्मियों को मिलेगा पुरस्कार

पुलिस मुख्यालय ने संवेदनशीलता के साथ काम करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने का भी फैसला किया है। मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति की समय पर मदद करने और उसे सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने वाले पुलिसकर्मियों को पुलिस मुख्यालय की ओर से पुरस्कृत किया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि जरूरत के समय समाज के कमजोर और असहाय लोगों के लिए पुलिस को मददगार और संवेदनशील व्यवस्था के रूप में सामने लाना है।

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