भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व IAS अधिकारी नियाज खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए मुस्लिम समुदाय के आवास और सामाजिक भेदभाव से जुड़े मुद्दे पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
नियाज खान ने दावा किया कि कई जगहों पर मुस्लिम समुदाय के लोगों को हिंदू बहुल इलाकों में घर लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या हर मुसलमान को हिंदू आतंकवादी समझते हैं?
पूर्व IAS अधिकारी ने अपनी पोस्ट में कहा कि मुसलमान चाहे IAS हो या IPS अधिकारी, उसे भी हिंदू बहुल इलाके में घर मिलने में दिक्कत हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि हर मुसलमान देशभक्त होता है।
नियाज खान ने अपने व्यक्तिगत अनुभव का जिक्र करते हुए दावा किया कि उन्हें भी कभी ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा था। हालांकि, उन्होंने अपनी पोस्ट में किसी व्यक्ति, संस्था या किसी विशेष इलाके का नाम नहीं लिया है।
नियाज खान के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। उनके बयान ने आवासीय क्षेत्रों में सामाजिक विभाजन, समुदायों के बीच विश्वास और भेदभाव जैसे संवेदनशील मुद्दों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
अब सवाल यही है कि क्या देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर घर मिलने में वास्तव में भेदभाव का सामना करना पड़ता है, और अगर ऐसा है तो क्या इसे रोकने के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए?

