उमरिया। उमरिया जिले के पाली विकासखंड के ग्राम पंचायत मलाचुआ स्थित स्वास्थ्य केंद्र यानी आरोग्य मंदिर में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां टिटनेस का इंजेक्शन लगवाने पहुंची एक महिला को ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों ने बिना इंजेक्शन लगाए ही वापस लौटा दिया।
स्वास्थ्य केंद्र से लौटाए जाने के बाद महिला ने मामले की शिकायत सीधे उमरिया कलेक्टर राखी सहाय से की। शिकायत सामने आते ही कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लिया और जिला पंचायत सीईओ के साथ ग्राम मलाचुआ के स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण करने पहुंच गईं।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई। कलेक्टर ने साफ कहा कि आम लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना कर्मचारियों की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मामले में कलेक्टर ने तीन एएनएम के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा पशु चिकित्सा कार्यालय के निरीक्षण को लेकर एवीएफओ को नोटिस जारी करने के भी आदेश दिए गए हैं।
पीड़ित महिला का आरोप है कि वह टिटनेस का इंजेक्शन लगवाने स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थी, लेकिन वहां मौजूद कर्मचारियों ने उसे स्वास्थ्य सेवा देने के बजाय वापस भेज दिया। महिला ने इस व्यवहार से नाराज होकर सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए कलेक्टर राखी सहाय खुद स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं और मौके पर व्यवस्थाओं की जांच की। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले किसी भी व्यक्ति को समय पर और उचित स्वास्थ्य सुविधा मिलनी चाहिए।
कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी कर्मचारी की ड्यूटी के प्रति लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अब इस मामले में तीन एएनएम पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है।

