भोपाल। मध्य प्रदेश के बालाघाट के आदिवासी इलाकों में बच्चों की मौत के मामले को लेकर सरकार अब गंभीर नजर आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नेताओं को अहम निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधि, विधायक और पूर्व मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचें, पीड़ित परिवारों से मुलाकात करें और उनके दुख में शामिल हों। साथ ही लोगों से सीधे संवाद कर इलाके की जमीनी स्थिति की जानकारी लें।
लापरवाही मिली तो सरकार तक पहुंचेगी रिपोर्ट
बैठक में सबसे अहम निर्देश बच्चों की मौत के कारणों और संभावित लापरवाही को लेकर दिया गया। जनप्रतिनिधियों से कहा गया है कि वे अपने क्षेत्रों में जाकर यह पता लगाएं कि बच्चों की मौत के पीछे आखिर क्या वजह रही और स्थानीय स्तर पर कहीं किसी तरह की लापरवाही हुई है या नहीं।
अगर जांच के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उसकी पूरी जानकारी सरकार को रिपोर्ट के रूप में देने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का फोकस अब आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत समझने और जरूरतमंदों तक समय पर इलाज पहुंचाने पर है।
सिकल सेल एनीमिया पर भी सरकार की नजर
बैठक में आदिवासी क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इस बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने और प्रचार-प्रसार तेज करने पर जोर दिया।
गंभीर रूप से बीमार मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय करेंगे, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
आदिवासी क्षेत्रों के विकास कार्यों की भी समीक्षा
मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में सिर्फ स्वास्थ्य व्यवस्था ही नहीं, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से योजनाओं के क्रियान्वयन और लोगों तक उनके लाभ की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर जनता की समस्याएं सरकार तक पहुंचाने और स्वास्थ्य एवं विकास योजनाओं की प्रभावी निगरानी करने के निर्देश दिए।
अब देखना होगा कि बालाघाट में बच्चों की मौत के मामले में जमीनी जांच के बाद क्या सामने आता है और अगर किसी स्तर पर लापरवाही साबित होती है, तो सरकार की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।

