भोपाल/धार। मध्य प्रदेश के धार में ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर विवाद एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है। भोजशाला मामले को लेकर आज धार बंद का आह्वान किया गया, जिसका शहर में व्यापक असर देखने को मिला। बंद को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। वहीं हिंदू और मुस्लिम पक्षों की ओर से सामने आए तीखे बयानों ने इस संवेदनशील मुद्दे पर सियासत और बयानबाजी को और तेज कर दिया है।
अखिल भारतीय साधु-संत संन्यासी परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष अनिलानंद जी महाराज ने प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कोर्ट ने व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए थे, लेकिन लोगों की आवाजाही के लिए एक ही रास्ता तय कर आदेशों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है।
अनिलानंद जी महाराज ने आरोप लगाया कि भोजशाला परिसर में ही नमाज अदा करने की कोशिश की जा रही है, जबकि इसके लिए अलग स्थान उपलब्ध है। उन्होंने दावा किया कि प्रशासन कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं कर रहा और हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले चार से पांच दिनों में बड़ी संख्या में साधु-संत धार पहुंच सकते हैं।
वहीं दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष ने हिंदू संगठनों के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि करीब 700 साल पुरानी मस्जिद को छीनने की कोशिश की जा रही है। उनका दावा है कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक कड़ी सुरक्षा और बैरिकेडिंग के बीच निर्धारित हिस्से में ही नमाज अदा की जा रही है।
शमशुल हसन ने आरोप लगाया कि अफवाहें फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज किसी के खिलाफ जाकर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा, बल्कि नियमों के तहत अपनी धार्मिक गतिविधियां कर रहा है।
धार बंद के मुद्दे पर उन्होंने प्रशासन से सख्ती बरतने की मांग करते हुए कहा कि जो लोग जबरन बंद कराने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल भोजशाला को लेकर धार में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अब बड़ा सवाल यही है कि हिंदू और मुस्लिम पक्षों के बीच लगातार बढ़ रही बयानबाजी के बीच प्रशासन इस संवेदनशील मामले को किस तरह संभालता है और शहर में शांति व्यवस्था कैसे कायम रखी जाती है।

