जबलपुर। नर्मदा नदी का तेज बहाव एक परिवार पर ऐसा कहर बनकर टूटा कि पिता अपने 10 साल के बेटे को बचाने के लिए नदी में कूद गए और दोनों ही बहाव में बह गए। जबलपुर के चरगंवा थाना क्षेत्र के भड़पुरा घाट पर हुए इस हादसे के दो दिन बाद पिता का शव बरामद कर लिया गया है, लेकिन 10 साल के मासूम बेटे की तलाश अब भी जारी है।
बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र के जलगांव से करीब 15 लोगों का एक परिवार जबलपुर आया था। परिवार चरगंवा स्थित सुनील महाराज के आश्रम में ठहरा हुआ था। हादसे वाले दिन पूरा परिवार नर्मदा नदी के दर्शन के लिए भड़पुरा घाट पहुंचा था।
इसी दौरान 10 साल के बच्चे का अचानक पैर फिसल गया और वह नर्मदा के तेज बहाव में जा गिरा। बेटे को नदी में बहता देखकर पिता ने उसकी जान बचाने के लिए बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी। लेकिन नर्मदा का बहाव इतना तेज था कि पिता भी बेटे के साथ पानी में बह गए।
हादसे की सूचना मिलते ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीमें लगातार नदी में तलाश करती रहीं, लेकिन नदी का बढ़ा हुआ जलस्तर और तेज बहाव रेस्क्यू टीमों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
हादसे के करीब दो दिन बाद पिता का शव घटनास्थल से लगभग दो किलोमीटर दूर बरामद हुआ। शव मिलने के बाद पुलिस ने बच्चे की तलाश और तेज कर दी है।
पुलिस और प्रशासन को आशंका है कि तेज बहाव के कारण बच्चा नदी में आगे बह गया होगा। इसी वजह से नरसिंहपुर और नर्मदापुरम जिलों के संबंधित पुलिस थानों और गोताखोर टीमों को भी सूचना दी गई है, ताकि नदी के आगे के हिस्सों में भी तलाश की जा सके।
फिलहाल नर्मदा के तटीय इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। रेस्क्यू टीमें बच्चे की तलाश में जुटी हैं और परिवार बेसब्री से मासूम के मिलने का इंतजार कर रहा है।
अब सबसे बड़ी उम्मीद इसी बात पर टिकी है कि रेस्क्यू टीमों को जल्द ही 10 साल के मासूम का कोई सुराग मिल जाए और परिवार को इस दर्दनाक हादसे के बीच कोई राहत की खबर मिल सके।

