सतना। धर्मनगरी चित्रकूट में इस वक्त मंदाकिनी नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब चित्रकूट में साफ दिखाई दे रहा है। जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण मंदाकिनी नदी इस मानसून में पांचवीं बार उफान पर आ गई है। नदी का पानी बढ़ने से तटीय इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालुओं में भी चिंता बढ़ गई है।
मंदाकिनी के जलस्तर में अचानक हुई बढ़ोतरी का असर चित्रकूट के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी देखने को मिल रहा है। निचले इलाकों में पानी भरने के बाद सड़कों पर नावें चलती नजर आ रही हैं। सती अनसूया तीर्थ क्षेत्र में भी चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है।
हालात को देखते हुए प्रसिद्ध गुप्त गोदावरी स्थल को श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने यह फैसला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है, ताकि बढ़ते जलस्तर के बीच किसी तरह की अनहोनी न हो।
चित्रकूट के प्रसिद्ध रामघाट की तस्वीरें भी चिंतित करने वाली हैं। घाट के कई हिस्से पानी में डूब चुके हैं। आसपास की दुकानों और मंदिरों तक भी पानी पहुंच गया है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से घाटों पर गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। अधिकारियों की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे नदी के घाटों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। खासकर उफनती मंदाकिनी के करीब जाकर तस्वीरें लेने या पानी के तेज बहाव में उतरने की कोशिश बिल्कुल न करें।
फिलहाल चित्रकूट में मंदाकिनी के रौद्र रूप ने एक बार फिर प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर नदी के जलस्तर पर है कि बारिश का दौर थमने के बाद पानी कब कम होता है और धर्मनगरी में हालात कब सामान्य होते हैं।

