सिंगरौली। विकास के दावों के बीच प्रशासनिक उदासीनता से परेशान ग्रामीणों ने अब पानी में उतरकर मोर्चा खोल दिया है। सिंगरौली जिले में जनपद पंचायत बैढ़न की ग्राम पंचायत डिग्घी के अंतर्गत आने वाले राजस्व गांव माटीडांड में ग्रामीणों ने काचन नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर जल सत्याग्रह शुरू कर दिया है।
इस आंदोलन की अगुवाई आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष और देवसर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी रतिभान प्रसाद कर रहे हैं। जल सत्याग्रह में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों समेत सैकड़ों ग्रामीण नदी के बीचों-बीच खड़े होकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि काचन नदी पर पुल निर्माण की योजना वर्ष 2022 में प्रस्तावित की गई थी, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी यह प्रोजेक्ट जमीन पर नहीं उतर सका है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक सुस्ती के चलते आज भी क्षेत्र के लोगों को एक जरूरी बुनियादी सुविधा के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
पुल नहीं होने का सबसे ज्यादा असर माटीडांड के साथ सेमरिया, तेलियाखाड़ी और भदियां गांव के हजारों ग्रामीणों पर पड़ रहा है। लोगों को रोजाना नदी पार करने और आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खासकर बारिश के मौसम में जब नदी का जलस्तर बढ़ जाता है, तब इन गांवों का संपर्क पूरी तरह कटने की स्थिति बन जाती है और रास्ता बेहद खतरनाक हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से पुल निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी के चलते ग्रामीणों ने पानी में उतरकर जल सत्याग्रह शुरू किया है।
आंदोलनकारियों ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि जब तक अधिकारी मौके पर पहुंचकर पुल निर्माण कार्य शुरू करने की पक्की गारंटी नहीं देते, तब तक उनका जल सत्याग्रह अनवरत जारी रहेगा।
अब बड़ा सवाल यही है कि चार साल से अटका काचन नदी का पुल आखिर कब बनेगा और क्या ग्रामीणों के जल सत्याग्रह के बाद प्रशासन इस मामले में कोई ठोस कदम उठाएगा।

