विदेश में नौकरी का सपना पड़ा भारी! फर्जी वीजा थमाकर 12.65 लाख की ठगी, UP और दिल्ली से दबोचे गए शातिर ठग

पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 12 लाख 65 हजार रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। बृजपुर थाना क्षेत्र के दो युवकों को आरोपियों ने विदेश में नौकरी का सपना दिखाया और भरोसा जीतने के लिए फर्जी वीजा लगे पासपोर्ट तक थमा दिए। लेकिन जैसे ही दोनों युवक नौकरी के लिए विदेश रवाना होने अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुंचे, वहां सुरक्षा जांच के दौरान वीजा फर्जी निकला और पूरे फर्जीवाड़े की पोल खुल गई।

ठगी का खुलासा होने के बाद पीड़ितों ने तुरंत पन्ना के बृजपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पन्ना पुलिस ने साइबर और तकनीकी सर्विलांस टीम को सक्रिय किया। पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन ट्रैक की और उत्तर प्रदेश के बिजनौर से मुख्य आरोपी आशु चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। वहीं उसके साथी आदिल उर्फ अली को दिल्ली के करावल नगर से दबोचा गया।

पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह दिल्ली में विदेश जाने और वीजा के लिए आवेदन करने वाले लोगों को अपना निशाना बनाता था। आरोपियों ने पीड़ितों को विदेश में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और इसके बदले 12 लाख 65 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद फर्जी वीजा लगे पासपोर्ट देकर उन्हें भरोसा दिलाया गया कि विदेश जाने की पूरी तैयारी हो चुकी है।

लेकिन जब पीड़ित अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुंचे और सुरक्षा अधिकारियों ने उनके दस्तावेजों की जांच की, तो वीजा फर्जी होने की पुष्टि हो गई। इसके बाद उन्हें पता चला कि विदेश में नौकरी का सपना दिखाकर उनके साथ बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9 लाख 50 हजार रुपये नगद बरामद किए हैं। इसके अलावा फर्जी वीजा लगे 5 पासपोर्ट समेत कुल 14 पासपोर्ट, 4 स्मार्टफोन और करीब 10 लाख रुपये कीमत की हुंडई वेन्यू कार भी जब्त की गई है।

अब पुलिस इस गिरोह के पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है। आरोपियों के बैंक खातों की जानकारी खंगाली जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इनके साथ विदेश में नौकरी और फर्जी वीजा के नाम पर ठगी करने वाले और कितने एजेंट जुड़े हुए हैं। पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित सफेदपोश एजेंटों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

फिलहाल मुख्य आरोपी आशु चौधरी और उसके साथी आदिल उर्फ अली पुलिस की गिरफ्त में हैं। दोनों से पूछताछ के जरिए पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह गिरोह अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बना चुका है। अब बड़ा सवाल यही है कि 12 लाख 65 हजार की इस ठगी के पीछे आखिर कितने चेहरे छिपे हैं और पुलिस की जांच में इस अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े कितने और नाम सामने आते हैं।

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