वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश करते हुए मंत्रियों, राजकीय अतिथियों और पूर्व राज्यपालों पर होने वाले खर्चों में भारी बढ़ोतरी की है। लगातार नौवीं बार पेश किए गए इस बजट में मंत्रियों के वेतन, पीएमओ और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद समेत कई अहम संस्थानों के लिए बड़ी राशि आवंटित की गई है।
केंद्रीय बजट 2026-27 में मंत्रियों की सैलरी, राजकीय अतिथियों के मनोरंजन और पूर्व राज्यपालों से जुड़े खर्चों के लिए कुल 1102 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल के 978.20 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इसके साथ ही कैबिनेट सचिवालय, प्रधानमंत्री कार्यालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के लिए भी अलग-अलग खर्च तय किए गए हैं।
काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स से जुड़े खर्चों में कैबिनेट और राज्य मंत्रियों तथा पूर्व प्रधानमंत्रियों की सैलरी, भत्ते और यात्रा व्यय के लिए 620 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस राशि में VVIP के लिए विशेष उड़ान संचालन का खर्च भी शामिल है। प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रशासनिक खर्च के लिए 73.52 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के खर्च के लिए 256.19 करोड़ रुपये रखे गए हैं। प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर कार्यालय और नेशनल रिसर्च फाउंडेशन के लिए 65 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
कैबिनेट सचिवालय और नेशनल अथॉरिटी फॉर केमिकल वेपंस कन्वेंशन के प्रशासनिक खर्चों के लिए 80 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पूर्व राज्यपालों को सचिवीय सहायता देने के लिए 1.53 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
विदेशी राजकीय अतिथियों के मनोरंजन, राष्ट्रपति भवन में आयोजित रिसेप्शन और अन्य राजकीय समारोहों के लिए हॉस्पिटैलिटी और एंटरटेनमेंट मद में 5.76 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कुल मिलाकर, इस बजट में सरकारी मेहमानों और VVIP व्यवस्थाओं के लिए भारी राशि आवंटित की गई है, जो सरकारी खर्चों में वृद्धि का संकेत देती है।

