भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चर्चित परिवहन कांड एक बार फिर सुर्खियों में है। आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के यहां से करोड़ों की नकदी और भारी मात्रा में सोना-चांदी बरामद होने का मामला दोबारा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
कांग्रेस विधायक और पूर्व उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस मामले में कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा कि इस प्रकरण ने पूरे प्रदेश को हिला दिया था और इसमें कई नाम सामने आए, जिनमें वीरेश तुमराम का नाम भी शामिल बताया गया।
कटारे ने सवाल उठाया कि घटना के बाद वीरेश तुमराम करीब छह महीने तक बिना विभाग को सूचित किए बाहर कैसे रहे। उस समय के ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने उनकी छुट्टियां स्वीकृत नहीं की थीं, लेकिन नए ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के आने के बाद न सिर्फ विभाग में “कमाई के नए स्रोत” खुलने की चर्चाएं शुरू हो गईं, बल्कि लंबित छुट्टियां भी मंजूर हो गईं।
उन्होंने पूछा कि आखिर जांच का निष्कर्ष क्या निकला, सौरभ शर्मा से जुड़े और परिवहन विभाग संचालित करने के आरोप झेल रहे लोगों पर क्या कार्रवाई हुई, और वीरेश तुमराम की छुट्टियां किस अधिकारी के दबाव में स्वीकृत की गईं।
परिवहन कांड को लेकर उठे इन सवालों ने एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है और अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार इन आरोपों पर क्या जवाब देती है।

