उज्जैन। उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर से श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। महाकाल मंदिर प्रबंधन ने अन्नक्षेत्र और प्रसाद व्यवस्था में पहली बार दक्षिण भारतीय व्यंजनों को शामिल करने का फैसला लिया है। अब बाबा महाकाल के भक्तों को मालवी दाल-बाटी के साथ-साथ इडली-सांभर का स्वाद भी मिलेगा।
मंदिर प्रबंध समिति द्वारा तैयार की गई नई व्यवस्था इसी सप्ताह से लागू होने जा रही है। इसके तहत हर मंगलवार और शुक्रवार को महाकाल मंदिर के अन्नक्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को इडली, सांभर, स्टीम राइस और दक्षिण भारतीय पोंगल प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा।
अब तक महाकाल मंदिर में मुख्य रूप से मालवी व्यंजन, दाल-बाटी और लड्डू की प्रसादी ही दी जाती थी। लेकिन देश के अलग-अलग हिस्सों, खासकर दक्षिण भारत से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने यह अहम निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य भक्तों को सात्विक, पौष्टिक और उनकी पसंद के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराना है।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि प्रसाद की गुणवत्ता, स्वाद और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। महाकाल मंदिर का अन्नक्षेत्र पहले से ही हजारों श्रद्धालुओं को प्रतिदिन निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराता है और अब दक्षिण भारतीय व्यंजनों के शामिल होने से इसकी विविधता और भी बढ़ जाएगी।
बाबा महाकाल की नगरी में यह नई पहल श्रद्धालुओं के लिए एक खास अनुभव लेकर आने वाली है। अब महाकाल के दर्शन के साथ भक्तों को मालवा और दक्षिण भारत के स्वाद का अनूठा संगम भी देखने को मिलेगा।

