इंदौर। मध्यप्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक केंद्र पीथमपुर को 972 करोड़ रुपये के बड़े निवेश की नई सौगात मिली है। निर्माण उपकरण बनाने वाली एक प्रमुख कंपनी ने अपनी नई उत्पादन इकाई का शुभारंभ किया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से देश का मैन्युफैक्चरिंग हब और निवेश का पसंदीदा केंद्र बनता जा रहा है।
धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में शुरू हुई इस नई यूनिट से निर्माण उपकरणों के उत्पादन में बड़ा इजाफा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ विजन को और मजबूती देगी। उन्होंने बताया कि कंपनी की वार्षिक उत्पादन क्षमता अब लगभग 3,250 मशीनों से बढ़कर 7,500 मशीनों तक पहुंच जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निवेश से सीधे 600 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा, जबकि सहायक उद्योगों, सप्लाई चेन और अन्य क्षेत्रों को मिलाकर 5 हजार से ज्यादा नए रोजगार के अवसर तैयार होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय स्तर पर बनने वाले कंपोनेंट्स की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगी, जिससे प्रदेश के एमएसएमई और ऑटो कंपोनेंट उद्योग को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में निवेश की तस्वीर भी सामने रखी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष जनवरी से जून के बीच मध्यप्रदेश को 76,872 करोड़ रुपये के नए निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 82 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद कई बड़ी निवेश परियोजनाएं अब धरातल पर उतर रही हैं। उन्होंने कहा कि पीथमपुर आज देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है और आने वाले समय में मध्यप्रदेश निवेश, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है।

