बालाघाट/भोपाल। कभी नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहे बालाघाट के ग्राम बोंदारी में अब विकास की नई तस्वीर दिखाई देने लगी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को बोंदारी पहुंचे और ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं और जरूरतें जानीं। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और क्षेत्र के विकास को लेकर कई अहम निर्देश दिए।
इस दौरान मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने बालाघाट जिले के सर्वांगीण विकास के लिए करीब 225 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा भी की।
ग्रामीणों से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में पशुपालन को बढ़ावा देने, आवास की सुविधा मजबूत करने, बच्चों और परिवारों में पोषण आहार के प्रति जागरूकता बढ़ाने और वन विभाग के सहयोग से आजीविका के नए अवसर तैयार करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
इसके साथ ही चिकित्सा और शिक्षा की सुविधाओं को बेहतर बनाने तथा युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ किसी भी पात्र परिवार से छूटना नहीं चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जो इलाके कभी नक्सलवाद से प्रभावित रहे, वहां अब सरकार की प्राथमिकता सुरक्षा के साथ विकास और विकास के साथ रोजगार है। स्थानीय स्तर पर लोगों को आजीविका के अवसर उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाने और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
बालाघाट जिले के लिए घोषित 225 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के जरिए सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने की योजना है। इसके अलावा कृषि, पशुपालन और अन्य संबद्ध गतिविधियों के साथ रोजगार और आजीविका के अवसरों का भी विस्तार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे गांवों में विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए। स्थानीय संसाधनों और क्षेत्र की संभावनाओं के आधार पर पशुपालन, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन और वन आधारित आजीविका जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाघाट अब नक्सल से विकास की ओर आगे बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना नहीं, बल्कि स्थायी शांति के साथ सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति देना है।
यानी बोंदारी जैसे इलाकों में अब सरकार की कोशिश है कि बंदूक और डर की जगह विकास, रोजगार और बेहतर सुविधाएं लोगों की जिंदगी का हिस्सा बनें। 225 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा के साथ सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्र अब विकास की मुख्यधारा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

