सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां करीब 3 करोड़ 93 लाख रुपये की लागत से बनी सड़क और पुलिया लोकार्पण के महज 24 घंटे के भीतर ही पहली बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई। इस घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और विभागीय लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामला केवलारी विकासखंड के मोहबर्रा-सारसडोल मार्ग का है। इस सड़क का लोकार्पण 1 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धान महोत्सव के दौरान किया था। लेकिन अगले ही दिन हुई बारिश में पुलिया और डामरीकृत सड़क का एक हिस्सा बह गया, जिससे करोड़ों रुपये की इस परियोजना पर सवाल उठने लगे।
सबसे बड़ी बात यह सामने आई है कि सड़क का निर्माण कार्य पूरी तरह पूरा ही नहीं हुआ था। जानकारी के मुताबिक मार्ग पर तीन पिलरों का काम अभी अधूरा था, इसके बावजूद जल्दबाजी में इसका उद्घाटन करा दिया गया। अब इस घटना ने निर्माण प्रक्रिया और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर नई बहस छेड़ दी है।
सड़क क्षतिग्रस्त होने से आसपास के कई गांवों का संपर्क भी प्रभावित हो गया है। स्थानीय लोगों ने निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सड़क के जल्द पुनर्निर्माण की मांग की है।
वहीं, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि क्षतिग्रस्त हुई पुलिया पानी की निकासी के लिए बनाई गई थी और क्षेत्र में अपेक्षा से अधिक बारिश होने के कारण उसे नुकसान पहुंचा है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर निर्माण कार्य मानकों के अनुसार हुआ होता तो पहली ही बारिश में सड़क और पुलिया इस तरह नहीं बहती।
अब यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है और सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सामने आता है और जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।

