आगर-मालवा। मध्य प्रदेश में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद प्रदेश में आवारा कुत्तों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। जिम्मेदार विभागों की इसी लापरवाही का खामियाजा इस बार एक तीन साल की मासूम बच्ची को भुगतना पड़ा, जिसकी जिंदगी पर बन आई है।
मामला उज्जैन जिले की महिदपुर तहसील के देलवाड़ी गांव का है। यहां तीन वर्षीय माही, जो अपने घर के बाहर खेल रही थी, अचानक एक आवारा कुत्ते के हमले का शिकार हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पास में बैठा कुत्ता अचानक आक्रामक हो गया और उसने बच्ची पर हमला कर दिया।
हमला इतना भयावह था कि कुत्ते ने मासूम के चेहरे को कई जगह से बुरी तरह नोच डाला। अचानक हुए इस हमले से बच्ची जमीन पर गिर गई और दर्द से चीखती-चिल्लाती रही, लेकिन कुत्ता लगातार उसे काटता रहा। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह हिम्मत जुटाकर बच्ची को कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया।
घटना के बाद परिजन घायल बच्ची को तत्काल जिला अस्पताल आगर लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच के दौरान पाया कि बच्ची के गाल और मुंह पर गंभीर चोटें आई हैं। अत्यधिक रक्तस्राव को रोकने और चेहरे के गहरे घावों का उपचार करने के लिए डॉक्टरों को बड़ी सावधानी के साथ उसके चेहरे पर 55 टांके लगाने पड़े।
प्राथमिक उपचार के बाद भी बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है। बेहतर इलाज के लिए उसे इंदौर रेफर किया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।
इस दर्दनाक घटना के बाद एक बार फिर आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से आवारा कुत्तों का आतंक बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
फिलहाल पूरा परिवार मासूम के जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहा है, वहीं यह घटना प्रशासन के लिए भी एक बड़ी चेतावनी बनकर सामने आई है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं भविष्य में और भी गंभीर रूप ले सकती हैं।

