विदिशा। धार की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर इंदौर हाई कोर्ट के फैसले के बाद अब विदिशा के विजय मंदिर को लेकर भी नई चर्चाएं तेज हो गई हैं। हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों में इस फैसले को लेकर उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। लोगों का मानना है कि अब ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को उनकी मूल पहचान दिलाने की दिशा में नई उम्मीद जगी है।
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक विरासत और सनातन आस्था के पुनर्जागरण का दौर चल रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे राम मंदिर और भोजशाला को लेकर लंबे समय बाद फैसले आए, उसी तरह विदिशा के विजय मंदिर को लेकर भी लोगों को न्याय मिलने की उम्मीद है।
प्रियंक कानूनगो ने कहा कि देश में अब अपनी परंपराओं, संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों को सम्मान दिलाने का माहौल बन रहा है। राम मंदिर निर्माण से लेकर भोजशाला के फैसले तक यह एक बड़े सांस्कृतिक जागरण का संकेत माना जा रहा है। वहीं भोजशाला फैसले के बाद विदिशा में भी धार्मिक और सांस्कृतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं और लोग विजय मंदिर को लेकर आगे की संभावनाओं पर नजर बनाए हुए हैं।

