लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता अब बदलाव चाहती है और आने वाले समय में भाजपा को सत्ता से बाहर कर देगी। अखिलेश ने कहा कि मौजूदा सरकार में महंगाई और बेरोजगारी चरम पर है, जबकि भ्रष्टाचार हर स्तर पर फैल चुका है। उनका आरोप है कि आम लोगों को थाना, तहसील और सरकारी दफ्तरों तक में परेशानियों और भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं, अस्पतालों में लोगों को न तो पर्याप्त दवाएं मिल रही हैं और न ही बेहतर इलाज। साथ ही उन्होंने पीडीए वर्ग के आरक्षण से जुड़े मुद्दे उठाते हुए सरकार से पिछले दस वर्षों का हिसाब मांगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि जनता समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने का मन बना चुकी है और उनकी पार्टी सामाजिक न्याय पर आधारित शासन देने का दावा करती है। उन्होंने कहा कि पीडीए की सरकार बनने पर उत्तर प्रदेश को विकास और खुशहाली की नई दिशा मिलेगी।
अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित घोटाले का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना से पूरे देश के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। उनके मुताबिक मामले के सामने आने के बाद सरकार को दबाव में एसआईटी का गठन करना पड़ा, लेकिन जांच प्रक्रिया पर अब भी कई सवाल खड़े हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लिए धन ही सबसे बड़ा धर्म बन गया है और लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ है। अखिलेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे लगातार अयोध्या के दौरे करते रहे, लेकिन उन्हें मंदिर में हो रही कथित अनियमितताओं की जानकारी तक नहीं मिली। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार का सूचना तंत्र कहां था और प्रदेश में हो रहे भ्रष्टाचार की जानकारी मुख्यमंत्री तक क्यों नहीं पहुंची।
पंचायत चुनाव का मुद्दा उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जो सरकार विधानसभा चुनावों की बातें कर रही थी, वह समय पर ग्राम पंचायत चुनाव भी नहीं करा सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे ग्राम प्रधानों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है और चुनाव में अनावश्यक देरी की जा रही है।
लखनऊ अग्निकांड का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा कि कई परिवारों ने अपने कमाने वाले सदस्यों को खो दिया, लेकिन सरकार का रवैया संवेदनशील नहीं दिखा। उन्होंने मुख्यमंत्री के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि पीड़ितों के प्रति सरकार को अधिक संवेदनशील होना चाहिए।
अपने बयान के अंत में अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए भाजपा को सत्ता से हटाना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं और यदि यही स्थिति जारी रही तो लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हो सकती है।

