मानवता की मिसाल: पत्नी के निधन पर नहीं थे अंतिम संस्कार के पैसे, ‘गरीब नवाज कमेटी’ बनी सहारा

जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर से इंसानियत और कौमी एकता की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने लोगों का दिल छू लिया। शाहपुरा थाना क्षेत्र के मकर मोहल्ला निवासी श्याम विश्वकर्मा की पत्नी आरती विश्वकर्मा का विक्टोरिया अस्पताल के गैंग्रीन वार्ड में लंबे इलाज के बाद निधन हो गया। परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और पत्नी की मौत के बाद पति की हालत ऐसी थी कि उनके पास अंतिम संस्कार तक के लिए पैसे नहीं थे।

श्याम विश्वकर्मा की इस बेबसी की जानकारी जब गरीब नवाज कमेटी तक पहुंची, तो कमेटी मदद के लिए आगे आई। कमेटी के अध्यक्ष सैयद इनायत अली और उनकी टीम ने परिवार का सहारा बनते हुए स्वर्गीय आरती विश्वकर्मा के अंतिम संस्कार की पूरी जिम्मेदारी उठाई।

गौरीघाट पर आरती विश्वकर्मा का पूरे सम्मान के साथ हिंदू रीति-रिवाज और विधि-विधान से अंतिम संस्कार कराया गया। मुश्किल की इस घड़ी में एक जरूरतमंद परिवार के साथ खड़े होकर गरीब नवाज कमेटी ने इंसानियत और सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश की।

इस पहल की जबलपुर में जमकर सराहना हो रही है। धर्म और मजहब से ऊपर उठकर जरूरतमंद परिवार की मदद करने का यह कदम एक बार फिर यही संदेश देता है कि मुश्किल वक्त में इंसान का सबसे बड़ा धर्म इंसानियत ही है।

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