दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव के बीच कांग्रेस नेता अवधेश नायक को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है। पिछले कुछ दिनों से उनके भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की चर्चाएं लगातार तेज थीं, लेकिन कांग्रेस के एक कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं को नया मोड़ दे दिया है।
दरअसल, अवधेश नायक की नाराजगी के बाद उनके बीजेपी नेताओं से मुलाकात की खबरें सामने आई थीं। बताया जा रहा था कि उन्हें पार्टी में शामिल कराने के लिए भाजपा के कई बड़े नेता सक्रिय थे। भाजपा मंत्री राकेश शुक्ला समेत कई नेताओं ने उनसे मुलाकात कर उन्हें मनाने की कोशिश भी की थी।
हालांकि, कांग्रेस के कार्यक्रम में पहुंचकर अवधेश नायक ने साफ संकेत दे दिए कि वे फिलहाल कांग्रेस के साथ ही खड़े हैं। उन्होंने कहा कि उनके समर्थक और कार्यकर्ता लगातार दूसरी बार नाराज हुए थे, क्योंकि वे उनसे भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं और उन्हें समझाने में थोड़ा समय लगा।
अवधेश नायक ने यह भी कहा कि उनके परिवार को मनाने और स्थिति को सामान्य बनाने में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वे कांग्रेस के लिए पूरी ताकत के साथ काम करें और किसी भी तरह के भ्रामक प्रचार या राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा न बनें।
उन्होंने दतिया उपचुनाव को लेकर बड़ा दावा भी किया। अवधेश नायक ने कहा कि कांग्रेस इस चुनाव में 25 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज करेगी।
अब कांग्रेस के मंच पर उनकी वापसी के बाद दतिया की सियासत में नई चर्चा शुरू हो गई है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि उपचुनाव के दौरान राजनीतिक समीकरण किस तरह बदलते हैं और इसका चुनावी नतीजों पर क्या असर पड़ता है।

