बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए एक विवादित बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म के लोगों को दूसरे धर्म की आस्थाओं और देवी-देवताओं पर अनावश्यक टिप्पणी करने से बचना चाहिए।
धीरेंद्र शास्त्री ने अपने संबोधन में कहा कि यदि सनातन धर्म के अनुयायी भी इसी तरह दूसरे धर्मों पर टिप्पणी करना शुरू कर दें, तो समाज में अनावश्यक विवाद पैदा हो सकते हैं। उन्होंने लोगों से धार्मिक मर्यादा और परस्पर सम्मान बनाए रखने की अपील भी की।
अपने वक्तव्य के दौरान उन्होंने बॉलीवुड फिल्म “अमर अकबर एंथनी” का जिक्र करते हुए कहा कि फिल्म में तीनों भाइयों की परवरिश अलग-अलग धर्मों में हुई थी, लेकिन उनकी जड़ें एक ही परिवार से जुड़ी थीं। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि इतिहास और वंश परंपरा को समझे बिना किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।
धीरेंद्र शास्त्री ने यह भी कहा कि लोगों को अपने इतिहास और संस्कृति के बारे में जानकारी रखनी चाहिए। उन्होंने प्रयागराज का उल्लेख करते हुए कहा कि इतिहास के कई पहलुओं को समझने के लिए तथ्यों और अभिलेखों का अध्ययन जरूरी है।
दरअसल, यह पूरा विवाद उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें एक मुस्लिम मौलाना ने दावा किया था कि भगवान श्रीकृष्ण पांच वक्त की नमाज अदा करते थे। इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई और कई धार्मिक संगठनों ने इसका विरोध किया।
इसी विवाद के बीच धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का यह बयान सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, इस मुद्दे पर अलग-अलग पक्षों की अपनी-अपनी राय है, लेकिन एक बार फिर धार्मिक टिप्पणियों को लेकर देश में चर्चा का माहौल बन गया है।

