भोपाल। दतिया उपचुनाव के बाद भाजपा की जिला कार्यकारिणी भंग किए जाने के फैसले पर अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए अवधेश नायक ने इस कार्रवाई पर खुशी जताते हुए पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा पर सोशल मीडिया के जरिए तीखा हमला बोला है।
अवधेश नायक ने अपनी पोस्ट में लिखा कि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें जानबूझकर बदनाम किया गया और उनके खिलाफ कार्रवाई कराई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण भी सामने नहीं आए। उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव जीतने के बाद विजय जुलूस के दौरान उनके द्वारा पहनाई गई माला तक उतारकर फेंक दी गई थी और सार्वजनिक रूप से उनका अपमान किया गया।
अपनी पोस्ट में अवधेश नायक ने आगे लिखा कि 2023 के चुनाव में उन्होंने अपना राजनीतिक हिसाब बराबर कर लिया था। उन्होंने यह भी कहा कि टिकट कटने का जो दर्द उन्हें पहले दिया गया था, उससे कहीं अधिक पीड़ा उपचुनाव में भाजपा ने संबंधित नेता को दी। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्ष 2018 में उन्होंने खुद किसी तरह का विरोध नहीं किया था, बल्कि उनके कुछ समर्थकों ने नाराजगी जाहिर की थी।
अवधेश नायक ने भाजपा की हालिया संगठनात्मक कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि साथ रहकर पार्टी को नुकसान पहुंचाने वालों के लिए यह एक सबक है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि दतिया के होने के नाते उन्हें अपने पुराने संगठन के खिलाफ हुई कार्रवाई से व्यक्तिगत तौर पर खुशी नहीं है और सभी नेताओं को आपसी रिश्तों और सम्मान का ध्यान रखना चाहिए।
दतिया उपचुनाव के बाद भाजपा में जारी संगठनात्मक बदलाव और नेताओं के लगातार आ रहे बयानों से साफ है कि जिले की राजनीति अभी भी गर्माई हुई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

