भोपाल। राजधानी भोपाल की बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी एक बार फिर सुर्खियों में है। विश्वविद्यालय में प्रशासनिक अस्थिरता लगातार बढ़ती जा रही है। हैरानी की बात यह है कि महज 34 दिनों के भीतर दूसरे कुलगुरु ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
प्रभारी कुलगुरु प्रोफेसर विवेक शर्मा ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा सौंप दिया, जिसे राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने स्वीकार कर लिया है। उनके इस्तीफे के बाद अब उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन को विश्वविद्यालय के कुलगुरु का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वे नए नियमित कुलगुरु की नियुक्ति होने तक यह जिम्मेदारी संभालेंगे।
बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी पिछले कई महीनों से विवादों के केंद्र में बनी हुई है। 11 जून को परिसर में कथित अनियमितताओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। इसके बाद 12 जून को उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने तत्कालीन कुलगुरु प्रोफेसर एस.के. जैन को अनिवार्य अवकाश पर भेजने का आश्वासन दिया।
बढ़ते दबाव के बीच 18 जून को प्रोफेसर एस.के. जैन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके अगले ही दिन, यानी 19 जून को प्रोफेसर विवेक शर्मा को प्रभारी कुलगुरु नियुक्त किया गया। लेकिन अब, मात्र 34 दिन बाद, उन्होंने भी स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पद छोड़ दिया है।
लगातार हो रहे इन इस्तीफों ने विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों से जुड़े कामकाज, परीक्षाएं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां भी इस अस्थिरता से प्रभावित हो सकती हैं।
अब सबकी नजर राज्य सरकार और राजभवन पर टिकी है कि बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी को स्थायी नेतृत्व कब मिलता है और प्रशासनिक संकट का समाधान कब तक हो पाता है।

