भोपाल। भोपाल में एक निजी कंपनी में कर्मचारियों के धार्मिक प्रतीकों पर कथित प्रतिबंध को लेकर विवाद गहराता जा रहा है, मामला एमपी नगर स्थित परमाली वालेस प्राइवेट लिमिटेड का है, जहां हिंदू उत्सव समिति ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
समिति के अध्यक्ष चन्द्रशेखर तिवारी का आरोप है कि कंपनी ने नोटिस जारी कर कर्मचारियों को तिलक, अंगूठी, कड़ा, बाली, मंगलसूत्र और बिंदी जैसे धार्मिक प्रतीक पहनकर आने से मना किया है, जिसे उन्होंने धार्मिक आस्था और परंपराओं पर सीधा आघात बताया है।
विरोध के दौरान समिति ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की और साथ ही लोगों से कंपनी के उत्पादों के बहिष्कार की अपील भी की है, इस मुद्दे को लेकर शहर में बहस तेज हो गई है।
वहीं कंपनी प्रबंधन की ओर से सफाई दी गई है कि यह सर्कुलर उत्पादन प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया था, उनका कहना है कि इन वस्तुओं के इस्तेमाल से प्रोडक्ट रिजेक्ट होने की संभावना रहती है, इसलिए यह कदम उठाया गया।
बताया जा रहा है कि परमाली वालेस प्राइवेट लिमिटेड लकड़ी और रेशे आधारित सांचों के निर्माण का काम करती है और लंबे समय से संचालित एक निजी कंपनी है, फिलहाल इस पूरे मामले ने धार्मिक स्वतंत्रता और कार्यस्थल के नियमों के बीच संतुलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

