ग्वालियर। मध्य प्रदेश के सबसे बड़े साइबर फ्रॉड मामलों में बड़ा खुलासा हुआ है। 21 करोड़ 5 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी के मामले में राज्य साइबर सेल ने शाजापुर के बीजेपी नेता और जिला पंचायत सदस्य जगदीश मालवीय उर्फ जगदीश फौजी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम का एक हिस्सा उनके बैंक खाते में भी ट्रांसफर हुआ था। फिलहाल पुलिस उनसे पूछताछ कर पूरे साइबर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
यह मामला ग्वालियर के चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से हुई 21 करोड़ 5 लाख रुपए की साइबर ठगी से जुड़ा है। जांच के दौरान राज्य साइबर सेल को बैंक खातों की लंबी चेन मिली, जिसमें जगदीश मालवीय का बैंक खाता भी शामिल पाया गया। पुलिस के मुताबिक उनके खाते में करीब 50 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए थे। जांच में यह भी सामने आया कि रकम आने के कुछ समय बाद वे विदेश चले गए थे।
राज्य साइबर सेल ने कार्रवाई करते हुए जगदीश मालवीय को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उन्होंने कथित तौर पर साइबर नेटवर्क से जुड़े तीन स्पीलर सेल के नाम भी बताए हैं, जिनकी भूमिका की अब जांच की जा रही है। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
जांच के अनुसार दिसंबर 2025 में पीड़ित चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय को “दिव्या” नाम से व्हाट्सएप पर एक संदेश मिला था। इसके बाद उन्हें USDT क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर भारी मुनाफे का लालच दिया गया। शुरुआत में उन्हें करीब 1 लाख 88 हजार रुपए का रिटर्न भी दिया गया, जिससे उनका भरोसा जीत लिया गया। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में करोड़ों रुपए जमा कराए गए और फिर टैक्स तथा रिस्क मार्जिन के नाम पर लगातार और पैसे मांगे गए।
जब पीड़ित को ठगी का शक हुआ तो उन्होंने राज्य साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस को 76 बैंक खातों की लेयरिंग मिली, जिनके जरिए ठगी की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई। इन्हीं खातों में जगदीश मालवीय का बैंक खाता भी शामिल था। पुलिस अब करीब 3 करोड़ रुपए के अन्य संदिग्ध लेनदेन की भी जांच कर रही है।
राज्य साइबर सेल के अधिकारियों का कहना है कि यह प्रदेश के सबसे बड़े साइबर फ्रॉड मामलों में से एक है। पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

