राम मंदिर मामले पर सीएम योगी का बड़ा बयान, बोले- 500 साल इंतजार किया है, 15 दिन और कर लो, SIT सच सामने लाएगी

अयोध्या. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या दौरे के दौरान राम मंदिर से जुड़े चर्चित मामले पर बड़ा बयान दिया है। विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में संबोधन करते हुए उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को बदनाम करने की कोशिश करने वालों के बहकावे में कोई न आए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एसआईटी जांच पूरी निष्पक्षता से होगी और दूध का दूध, पानी का पानी करके सच्चाई सबके सामने लाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी के पास मामले से जुड़े कोई दस्तावेज या प्रमाण हैं तो उन्हें सीधे एसआईटी को सौंपना चाहिए। जांच एजेंसी तथ्यों के आधार पर फैसला करेगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई निश्चित रूप से होगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराधी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

योगी आदित्यनाथ ने रामभक्तों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम ने हमें मर्यादा और धैर्य का पाठ पढ़ाया है। उन्होंने कहा कि जिस राम मंदिर के लिए करोड़ों लोगों ने 500 वर्षों तक संघर्ष किया, उसके बाद अब केवल कुछ दिन और इंतजार कर लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच को अपना काम करने दें और किसी भी तरह की बयानबाजी से बचें, क्योंकि इससे जांच प्रभावित हो सकती है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी रामभक्तों और कारसेवकों पर गोलियां चलवाते थे, जय श्रीराम के नारे लगाने वालों पर लाठियां बरसाते थे और भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे, वही लोग आज उपदेश देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों ने हमेशा अयोध्या के विकास में बाधाएं खड़ी कीं और अब दुष्प्रचार के जरिए अयोध्या धाम की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या केवल एक शहर नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। इसलिए किसी भी व्यक्ति को अयोध्या और राम मंदिर को बदनाम करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि एसआईटी जांच पूरी होने तक सभी पक्षों को धैर्य रखना चाहिए और जांच एजेंसी पर भरोसा करना चाहिए।

योगी आदित्यनाथ ने अंत में कहा कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सबके सामने होगी। यदि किसी ने गलत किया है तो उसे सजा जरूर मिलेगी, लेकिन बिना तथ्यों के किसी का चरित्र हनन करना और अयोध्या की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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