भोपाल। मध्यप्रदेश के सागर जिले के बंडा ब्लॉक में संदिग्ध जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले ने प्रदेश की सियासत गरमा दी है। घटना को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने सरकार और प्रशासन पर तीखे सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में अवैध शराब का नेटवर्क लगातार फैल रहा है और शराब माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण हासिल है। हालांकि ये कांग्रेस के आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी में नहीं हुई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि सागर में हुई घटना को गंभीरता से लेते हुए 24 घंटे के भीतर दोषी पाए जाने वाले लोगों और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पटवारी ने यह भी कहा कि सागर में जहरीली शराब से मौत का यह पहला मामला नहीं है।
वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर निशाना साधा। सिंघार के मुताबिक, बंडा में जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत हुई है, जबकि 25 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने दावा किया कि शराब पीने के बाद लोगों की हालत तेजी से बिगड़ी और कुछ ही समय में मौतें हुईं।
उमंग सिंघार ने इसे महज हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और अवैध शराब के कारोबार का मामला बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल एक उच्चस्तरीय जांच टीम सागर भेजने और पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग की।
इसी मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरुण यादव ने भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने बंडा क्षेत्र के कई गांवों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि बड़ी संख्या में लोगों की मौत और अस्पताल में भर्ती मरीजों की स्थिति बेहद गंभीर है।
अरुण यादव ने कथित अवैध शराब नेटवर्क और शासन-प्रशासन की संभावित मिलीभगत की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। साथ ही उन्होंने दोषी अधिकारियों और शराब माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
अब इस पूरे मामले में कांग्रेस की मांग है कि सिर्फ कार्रवाई के ऐलान तक मामला सीमित न रहे, बल्कि जांच के जरिए यह सामने लाया जाए कि संदिग्ध शराब लोगों तक कैसे पहुंची, इसके पीछे कौन लोग हैं और अगर किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार कौन है।

