भोपाल। मध्यप्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब से जुड़ा मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। स्थानीय रिपोर्ट्स और अपुष्ट सूत्रों के मुताबिक, हादसे में मौतों का आंकड़ा 9 से बढ़कर 11 तक पहुंचने की बात सामने आ रही है, हालांकि 11 मौतों के इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
घटना के बाद प्रदेश सरकार एक्शन में आ गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
उपमुख्यमंत्री और आबकारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने घटना को लेकर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और बताया कि उन्होंने सागर कलेक्टर और पुलिस कमिश्नर से पूरे मामले की जानकारी ली है। स्थिति का जायजा लेने के लिए आबकारी आयुक्त को भी तत्काल मौके पर भेजा गया है।
प्रशासन ने मामले की जांच के साथ ही अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। क्षेत्र में छापेमारी की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संदिग्ध शराब कहां से आई और इसके पीछे कौन लोग हैं।
वहीं इस घटना को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बारोलिया ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और शराब माफिया के खिलाफ कार्रवाई के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
कांग्रेस ने पुराने शराबकांडों का जिक्र करते हुए सरकार पर अवैध शराब के कारोबार को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। हालांकि ये कांग्रेस के राजनीतिक आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी में नहीं हुई है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि बंडा में संदिग्ध जहरीली शराब लोगों तक कैसे पहुंची, इसके पीछे कौन है और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ ही इन सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद है। मौतों के आंकड़े को लेकर भी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

