सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में शिक्षा विभाग का एक आदेश इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। जिला शिक्षा अधिकारी के नाम से जारी एक पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस पत्र में स्कूल परिसरों में पत्रकारों के प्रवेश को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं, जिसके बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है।
आदेश सामने आने के बाद पत्रकार संगठनों और आम लोगों के बीच बहस शुरू हो गई है। कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या इस आदेश के जरिए स्कूलों में मीडिया की पहुंच सीमित की जा रही है या फिर यह केवल स्कूलों की व्यवस्था और पढ़ाई का माहौल बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया कदम है।
वहीं शिक्षा विभाग का कहना है कि स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां बिना किसी बाधा के चलती रहें, इसलिए बिना अनुमति किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए यह निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग का दावा है कि इसका उद्देश्य केवल स्कूलों की व्यवस्था बनाए रखना है।
हालांकि इस पूरे मामले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अगर सरकारी स्कूलों में व्यवस्थाओं, सुविधाओं, छात्रों की समस्याओं या अन्य सार्वजनिक मुद्दों पर जानकारी जुटानी हो, तो ऐसे में मीडिया की भूमिका क्या होगी? क्या पत्रकारों के लिए अलग प्रक्रिया तय की जाएगी या फिर इस आदेश में आगे कोई बदलाव होगा? फिलहाल यही सवाल चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।

