मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले से एक वीडियो ने प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में आंगनवाड़ी केंद्र के छोटे-छोटे बच्चे पोषण आहार की जगह थाली में केवल नमक और पूरी खाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आते ही महिला एवं बाल विकास विभाग में हड़कंप मच गया और मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया।
मैहर के ककरा आंगनवाड़ी केंद्र से सामने आए इस वीडियो को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में बच्चों के पोषण के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने सरकार पर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के गंभीर आरोप भी लगाए।
हालांकि, मामला बढ़ने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने तत्काल जांच के आदेश दिए। जांच रिपोर्ट में विभाग ने दावा किया कि वायरल वीडियो वर्तमान का नहीं, बल्कि करीब तीन महीने पुराना है। विभाग के अनुसार, वीडियो को भोजन वितरण की पूरी प्रक्रिया दिखाए बिना अधूरा रिकॉर्ड किया गया और बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।
विभाग का कहना है कि गांव में हाल ही में हुए एक विवाद और मारपीट की घटना के बाद आपसी रंजिश के चलते इस पुराने वीडियो को सामने लाया गया। जांच में यह भी बताया गया कि जिस दिन का वीडियो बताया जा रहा है, उस दिन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता टीकाकरण ड्यूटी पर थीं और केंद्र की जिम्मेदारी एक बुजुर्ग सहायिका संभाल रही थीं।
इतना ही नहीं, विभाग ने यह भी स्वीकार किया कि भोजन वितरण का काम करने वाले स्व-सहायता समूह पर पहले अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं और उस पर कार्रवाई भी की जा चुकी है। हालांकि, मौजूदा मामले में विभाग ने समूह को क्लीन चिट दे दी है।
अब सवाल यह है कि अगर वीडियो पुराना है, तो बच्चों की थाली में सिर्फ नमक और पूरी क्यों दिखाई दी? और अगर यह केवल आपसी रंजिश का मामला है, तो आखिर प्रदेश की आंगनवाड़ियों में पोषण आहार की गुणवत्ता की निगरानी कितनी प्रभावी है? फिलहाल इस मामले ने एक बार फिर बच्चों के पोषण और आंगनवाड़ी व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

