उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में भक्ति का एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद हर श्रद्धालु को भावुक कर दिया।
सीहोर से आई शिल्पी गुप्ता अपने भाई भगत के साथ बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंची थीं, भगत के मन में एक ही इच्छा थी कि वह बाबा को नजदीक से देखे और जल अर्पित करे, लेकिन भीड़ के कारण वह बैरिकेड्स से ही दर्शन कर पा रहा था।
जैसे ही उसे एहसास हुआ कि वह गर्भगृह के पास नहीं पहुंच पाएगा, उसकी आंखों से आंसू बहने लगे, बाबा से दूरी उस मासूम भक्त को बर्दाश्त नहीं हुई और उसकी सच्ची श्रद्धा वहां मौजूद लोगों के दिल को छू गई।
भक्त की इस निश्छल भक्ति को देखकर मंदिर प्रबंधन भी खुद को रोक नहीं पाया और नियमों में ढील देते हुए उसे चांदी द्वार तक ले जाया गया, जहां उसने न केवल बाबा महाकाल के साक्षात दर्शन किए बल्कि जल अर्पित कर अपनी मनोकामना भी पूरी की।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भगवान तक पहुंचने का रास्ता सिर्फ नियमों से नहीं बल्कि सच्ची आस्था और भक्ति से बनता है, और जब पुकार दिल से हो तो महादेव खुद रास्ता बना देते हैं।

