धार। मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में जुम्मे की नमाज को लेकर एक बार फिर स्थिति चर्चा का विषय बनी हुई है। गुरुवार देर रात प्रशासन और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के बीच हुई लंबी बैठक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी।
जानकारी के अनुसार, कलेक्टर राजीव रंजन मीणा और पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा की मौजूदगी में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में करीब दो घंटे तक मैराथन बैठक चली। बैठक में मुस्लिम समाज के याचिकाकर्ताओं और अन्य प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, लेकिन नमाज के लिए वैकल्पिक स्थान को लेकर सहमति नहीं बन सकी।
प्रशासन की ओर से सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में ‘40 पीर’ क्षेत्र के पास नमाज के लिए एक वैकल्पिक स्थान का प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि, मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह स्थान वर्तमान स्थल से काफी दूर है।
मुस्लिम पक्ष का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय ने नमाज के लिए भोजशाला के निकट किसी उपयुक्त और खुले स्थान की व्यवस्था करने की बात कही थी। ऐसे में प्रस्तावित स्थान को उन्होंने स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
इस बीच, मामले को लेकर मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन भी प्रस्तुत किया है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि वे न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए अपनी बात सर्वोच्च अदालत के समक्ष रखेंगे।
बताया जा रहा है कि इस मामले में 24 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। तब तक मुस्लिम समाज के लोगों ने अपने घरों और अन्य स्थानीय मस्जिदों में जुम्मे की नमाज अदा करने का निर्णय लिया है।
बैठक में प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जिले के कई थाना प्रभारी भी मौजूद रहे। अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हुई है, जहां इस संवेदनशील मामले को लेकर आगे की दिशा तय हो सकती है।

