बिजली विभाग का इंजीनियर रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई में मीटर रीडर भी फंसा

 दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले के हटा में सागर लोकायुक्त की टीम ने बिजली विभाग के एक कनिष्ठ अभियंता को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार दोपहर हुई इस कार्रवाई के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मच गया। मामले में एक मीटर रीडर की भूमिका भी सामने आई है, जिसके खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

जानकारी के मुताबिक हटा क्षेत्र में आरओ वाटर प्लांट संचालित करने वाले इंद्रकुमार पटेल ने लोकायुक्त से शिकायत की थी। उनका आरोप था कि उनके प्लांट में लगे बिजली मीटर का लोड बढ़ाने और कार्रवाई से बचाने के नाम पर कनिष्ठ अभियंता राजेश सहाय लगातार रिश्वत की मांग कर रहे थे। शिकायत में बताया गया कि कुल 7 हजार रुपए की मांग की गई थी और इसकी पहली किस्त 2 हजार रुपए तय हुई थी।

फरियादी की शिकायत मिलने के बाद सागर लोकायुक्त ने पूरे मामले का सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप की योजना बनाई गई और गुरुवार को टीम ने हटा पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया। जैसे ही आरोपी अधिकारी ने 2 हजार रुपए की रिश्वत ली, लोकायुक्त टीम ने उसे कार्यालय में ही रंगे हाथों पकड़ लिया।

लोकायुक्त टीम के अनुसार आरओ प्लांट का निरीक्षण करने के दौरान मीटर का लोड कम पाया गया था। आरोप है कि इसी मामले में कार्रवाई न करने के बदले रिश्वत मांगी जा रही थी। साथ ही रिश्वत नहीं देने पर प्लांट संचालक के खिलाफ कार्रवाई करने और भारी जुर्माना लगाने की धमकी भी दी जा रही थी।

जांच के दौरान एक आउटसोर्स कर्मचारी संदीप पटेरिया की भूमिका भी सामने आई, जो मीटर रीडर के रूप में कार्यरत है। लोकायुक्त ने उसके खिलाफ भी मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

फरियादी इंद्रकुमार पटेल का दावा है कि उन्होंने मीटर लोड बढ़ाने की प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली थी, लेकिन इसके बावजूद उनसे लगातार पैसों की मांग की जा रही थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले 6 हजार रुपए दिए जा चुके थे, इसके बाद भी 7 हजार रुपए और मांगे जा रहे थे। पैसे नहीं देने पर एक लाख रुपए तक का केस बनाने की धमकी दी जा रही थी।

इसी शिकायत और उपलब्ध रिकॉर्डिंग के आधार पर लोकायुक्त ने जाल बिछाया और आरोपी अधिकारी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में लोकायुक्त इंस्पेक्टर रंजीत सिंह के नेतृत्व में इंस्पेक्टर रोशनी जैन समेत पूरी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और जांच के आधार पर नए खुलासे भी सामने आ सकते हैं।

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