नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर मूंग बेचने पहुंचे किसानों को खरीदी केंद्रों पर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तुलाई की धीमी रफ्तार के कारण किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए 7 से 8 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। लगातार बढ़ती अव्यवस्था से नाराज किसानों का गुस्सा अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है।
ताजा मामला साईंखेड़ा स्थित रेवा वेयरहाउस का है, जहां लंबे इंतजार से परेशान किसानों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। वहीं चीचली के खरीदी केंद्र पर भी समय पर तुलाई नहीं होने से किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि उन्हें दिन-रात खरीदी केंद्रों पर ही रुकना पड़ रहा है, लेकिन फिर भी उनकी उपज की तुलाई समय पर नहीं हो रही।
बताया जा रहा है कि इस समस्या की बड़ी वजह मूंग खरीदी की सीमा बढ़ना है। केंद्र सरकार ने खरीदी का दायरा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया, लेकिन खरीदी केंद्रों पर उसी अनुपात में तुलाई की व्यवस्था नहीं बढ़ाई गई। न पर्याप्त इलेक्ट्रॉनिक कांटे हैं और न ही पर्याप्त हम्माल, जिसके कारण उपज की भारी आवक के बीच खरीदी व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
अब किसान जिला प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि सभी खरीदी केंद्रों पर अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनिक कांटे और हम्माल उपलब्ध कराए जाएं, तुलाई की प्रक्रिया तेज की जाए और किसानों के लिए पीने के पानी व ठहरने जैसी बुनियादी सुविधाओं की भी व्यवस्था की जाए।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो उनका आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

