इंदौर। इंदौर में राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे और कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज हैं, लेकिन इसी बीच कांग्रेस की एक बैठक में दिया गया बयान अब सियासी चर्चा का विषय बन गया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस के सह-प्रभारी हरीश चौधरी ने वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा को ऐसी जिम्मेदारी दे दी, जिसने कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक तकरार को नया मुद्दा दे दिया है।
बैठक के दौरान हरीश चौधरी ने सज्जन सिंह वर्मा से कहा कि उन्हें भाजपा के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर जाना है और उनके घर के बच्चों का भी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन कराना है। चौधरी का यह बयान मजाकिया अंदाज में दिया गया, लेकिन इसके राजनीतिक मायने निकाले जाने लगे हैं।
कांग्रेस इन दिनों ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के जरिए छात्रों और युवाओं को जोड़ने के लिए बड़े स्तर पर रजिस्ट्रेशन अभियान चला रही है। ऐसे में भाजपा के बड़े नेताओं के परिवार तक इस अभियान की पहुंच बनाने वाला बयान अब राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है।
कांग्रेस का कहना है कि 19 सितंबर को इंदौर में राहुल गांधी छात्रों और युवाओं से सीधा संवाद करेंगे। कार्यक्रम रीजनल पार्क क्षेत्र में प्रस्तावित है, जहां हजारों छात्रों के जुटने की संभावना है। इस दौरान युवाओं से जुड़े मुद्दों, शिक्षा, रोजगार और उनके भविष्य को लेकर चर्चा होने की बात कही जा रही है।
अब हरीश चौधरी के बयान के बाद सवाल यह है कि क्या कांग्रेस की ‘छात्रों की गूंज’ वाकई भाजपा के दिग्गज नेताओं के घरों तक पहुंचेगी? और अगर कांग्रेस नेता रजिस्ट्रेशन कराने भाजपा नेताओं के घर पहुंचते हैं, तो भाजपा इसका जवाब किस अंदाज में देती है? 19 सितंबर के कार्यक्रम से पहले इंदौर की सियासत में यह नया सियासी दांव कितना असर डालता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।

