भोपाल। मध्य प्रदेश में प्रशासनिक हलचल के बीच पूर्व आईएएस अधिकारी दीपक खांडेकर की नियुक्ति बरकरार रखी गई है और राज्य सरकार ने उन्हें एक साल का एक्सटेंशन देते हुए राजभवन के जनजाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पद पर यथावत बनाए रखा है। सामान्य प्रशासन विभाग ने कैबिनेट की मंजूरी के बाद यह आदेश जारी किया है और उनके साथ दीपमाला रावत को भी सेवा विस्तार दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह नियुक्ति राज्यपाल मंगू भाई पटेल की सिफारिश पर हुई थी और खांडेकर वर्ष 2022 से इस पद पर कार्यरत हैं।
इसी बीच प्रदेश में एक और बड़ा विवाद सामने आया है, जहां आईएफएस अधिकारी हिदायतुल्ला खान ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण में याचिका दायर कर सरकार के फैसले को चुनौती दी है। मामला वन बल प्रमुख यानी HOFF की नियुक्ति से जुड़ा है, जिसमें वरिष्ठता को दरकिनार कर जूनियर अधिकारी को पद दिए जाने पर सवाल उठाए गए हैं।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि नियमों की अनदेखी करते हुए जूनियर अधिकारी शुभ रंजन सेन को वन बल प्रमुख बना दिया गया, जबकि वरिष्ठता सूची में हिदायतुल्ला खान सबसे ऊपर हैं और शुभ रंजन सेन पांचवें स्थान पर आते हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह नियुक्ति अप्रैल 2009 की गाइडलाइन के खिलाफ है।
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है, जिसके बाद अब इस पूरे मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं और आगे का फैसला ही तय करेगा कि नियुक्ति प्रक्रिया सही थी या नहीं।

