भोपाल। मध्य प्रदेश में एमबीबीएस इंटर्न चिकित्सकों के स्टाइपेंड को लेकर सियासत तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर शासकीय और निजी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत इंटर्न डॉक्टरों के लिए बड़ी मांग उठाई है। उन्होंने वर्तमान में दिए जा रहे 14 हजार 337 रुपये मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग की है।
उमंग सिंघार ने अपने पत्र में कहा है कि एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वे अस्पतालों में 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं, वार्ड प्रबंधन और मरीजों की देखभाल जैसी अहम जिम्मेदारियां निभाते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उनकी मेहनत के अनुरूप मानदेय नहीं मिल रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने बढ़ती महंगाई और मेडिकल शिक्षा की बढ़ती लागत का भी उल्लेख किया है। उनका कहना है कि एमबीबीएस की फीस लगातार बढ़ रही है, ऐसे में कम स्टाइपेंड इंटर्न डॉक्टरों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। उन्होंने मांग की है कि मध्य प्रदेश में भी अन्य राज्यों की तर्ज पर इंटर्न चिकित्सकों का स्टाइपेंड तय किया जाए।
उमंग सिंघार ने यह भी सुझाव दिया है कि इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में हर वर्ष महंगाई के अनुसार वृद्धि करने की व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के करीब 3 हजार 600 एमबीबीएस इंटर्न इस मुद्दे से प्रभावित हैं और सरकार को उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला लेना चाहिए।
अब देखना होगा कि नेता प्रतिपक्ष की इस मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्य सरकार क्या रुख अपनाती है, और क्या प्रदेश के हजारों इंटर्न डॉक्टरों को जल्द राहत मिल पाएगी।

