इंदौर। इंदौर की एक अदालत ने सड़क हादसे के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी को तीन मृतकों के परिजनों और एक घायल को 3 करोड़ रुपये से ज्यादा का मुआवजा देने का आदेश दिया है। इस पूरे मामले में खास बात यह रही कि कोर्ट ने फैसला सुनाते समय मृतकों और घायल की इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR को सबसे अहम आधार माना।
जानकारी के मुताबिक 25 अक्टूबर 2024 को इंदौर का एक व्यापारी परिवार राजस्थान के अजमेर शरीफ गया था। दर्शन के बाद परिवार कार से वापस लौट रहा था, तभी खाचरोद हाईवे पर तेज रफ्तार मालवाहक वाहन ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि आसिफ मंसूरी, अब्दुल मन्नाज कुरैशी और इमरान मंसूरी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मोहम्मद ओसमा मंसूरी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
मामले में पीड़ित परिवार की ओर से अदालत में याचिका दायर की गई। अधिवक्ता राजेश खंडेलवाल ने कोर्ट के सामने हादसे से जुड़े सभी सबूत पेश किए। साथ ही मृतकों और घायल की पिछले तीन साल की इनकम टैक्स रिटर्न, व्यापार से होने वाली आय और परिवार पर निर्भर लोगों की जानकारी भी अदालत के सामने रखी गई।
कोर्ट ने सभी तथ्यों और दस्तावेजों को आधार मानते हुए मृतकों के परिवारों को बड़ी राहत दी। अदालत ने आसिफ मंसूरी के परिजनों को 1 करोड़ 6 लाख 23 हजार 406 रुपये, अब्दुल मन्नाज कुरैशी के परिवार को 98 लाख 94 हजार 300 रुपये और इमरान मंसूरी के परिजनों को 66 लाख 73 हजार 296 रुपये देने का आदेश दिया। वहीं घायल मोहम्मद ओसमा मंसूरी को 14 लाख 83 हजार 706 रुपये मुआवजा देने के निर्देश बीमा कंपनी को दिए गए हैं।
अदालत के इस फैसले के बाद एक बार फिर यह साफ हो गया है कि इनकम टैक्स रिटर्न सिर्फ टैक्स भरने का दस्तावेज नहीं, बल्कि भविष्य में कानूनी मामलों में भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अधिवक्ता ने लोगों से अपील की है कि वे नियमित रूप से अपनी ITR जरूर भरें, ताकि जरूरत पड़ने पर आय का सही रिकॉर्ड उपलब्ध हो सके।

