श्योपुर। भारतीय जनता पार्टी में अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष नीरज जाट के एक कथित बयान को लेकर पार्टी के भीतर ही विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों के साथ-साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त सीताराम आदिवासी ने भी इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है और नीरज जाट से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
पूरा विवाद 23 मई को हुए एक चर्चित हत्याकांड के बाद शुरू हुआ। जमीन विवाद को लेकर गंगाराम आदिवासी की हत्या के मामले में अगले दिन जाट समाज ने एकजुट होकर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा था। इसी दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष नीरज जाट का एक बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा को लेकर विवादित टिप्पणी की। इस बयान के बाद आदिवासी समाज में नाराजगी फैल गई और विरोध शुरू हो गया।
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त नेता सीताराम आदिवासी ने खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के सम्मान के खिलाफ किसी भी तरह की टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी। मध्य प्रदेश आदिवासी बहुल राज्य है और समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बयान सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करते हैं। उन्होंने नीरज जाट से हाथ जोड़कर सार्वजनिक माफी मांगने की अपील की और चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो आदिवासी समाज बड़े आंदोलन के लिए मजबूर हो सकता है।
विवाद को लेकर भाजपा के स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी दिखाई दे रही है। देवरिया मंडल अध्यक्ष समेत कई नेताओं ने बयान को अनुचित बताते हुए पार्टी नेतृत्व से हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं आदिवासी समाज के विभिन्न संगठनों ने इसे समाज के सम्मान से जुड़ा विषय बताते हुए विरोध दर्ज कराया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद केवल एक बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि भाजपा के भीतर लंबे समय से चल रही गुटबाजी और मतभेदों को भी उजागर कर रहा है। पार्टी के प्रभावशाली नेताओं के आमने-सामने आने से मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया है।
फिलहाल सभी की नजरें भाजपा नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी इस विवाद को शांत करने के लिए क्या रणनीति अपनाती है और क्या नीरज जाट की ओर से कोई सफाई या सार्वजनिक माफी सामने आती है। आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर बड़ी चर्चा का विषय बन सकता है।

