भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के नारियल खेड़ा इलाके में हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन के मुताबिक इलाके में निजी जमीन पर किए गए करीब 50 से 60 अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं। कार्रवाई के लिए प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर मौजूद है।
40 साल से रह रहे लोगों ने जताया विरोध
कार्रवाई को लेकर स्थानीय रहवासियों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि वे पिछले करीब 40 वर्षों से यहां रह रहे हैं। उनका दावा है कि वे नियमित रूप से बिजली-पानी के बिल और दूसरे टैक्स भी जमा करते आ रहे हैं।
रहवासियों का आरोप है कि उन्हें कार्रवाई की जानकारी देर शाम मिली और इसके बाद सुबह करीब 6 बजे से प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की तैयारी शुरू कर दी। अचानक हुई कार्रवाई की सूचना के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।
बारिश के बीच मकान टूटने की चिंता
फिलहाल बारिश का मौसम होने के कारण रहवासी प्रशासन से कुछ समय की मोहलत देने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर इस समय मकान तोड़े जाते हैं तो छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को लेकर वे कहां जाएंगे।
रहवासियों ने प्रशासन से मानवीय आधार पर कार्रवाई कुछ समय के लिए टालने और पहले उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई
वहीं जिला प्रशासन की ओर से हाईकोर्ट के आदेश के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम तैनात है और चिन्हित मकानों पर कार्रवाई की जा रही है।
अब बड़ा सवाल यही है कि बारिश के इस मौसम में प्रशासन और रहवासियों के बीच क्या रास्ता निकलता है और क्या प्रभावित परिवारों को कोई मोहलत या वैकल्पिक व्यवस्था मिलती है।

