ग्वालियर। 21 करोड़ 5 लाख रुपये की बड़ी साइबर ठगी के मामले में राज्य साइबर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मध्यप्रदेश के सागर से आरोपी अंकित वर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक अंकित वर्मा इस पूरे साइबर नेटवर्क में म्यूल बैंक खातों को हैंडल करने की अहम भूमिका निभाता था।
जांच में सामने आया है कि पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर अंकित वर्मा उत्तर भारत के छह राज्यों में सक्रिय म्यूल बैंक खातों का नेटवर्क संभाल रहा था। इन राज्यों में मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब शामिल हैं। आरोप है कि इन बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी से हासिल रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर रूट किया जाता था और फिर रकम की हेराफेरी की जाती थी।
साइबर पुलिस के मुताबिक अंकित वर्मा इस नेटवर्क में इस्तेमाल हो रहे फर्जी या दूसरे लोगों के बैंक खातों को संभालने और उनके जरिए रकम को इधर-उधर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। अब पुलिस उससे पूछताछ कर इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है।
इस मामले में पुलिस पहले ही शाजापुर के भाजपा जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार मालवीय को गिरफ्तार कर चुकी है। मालवीय से पूछताछ के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले थे। इन्हीं कड़ियों को जोड़ते हुए साइबर पुलिस की टीम अंकित वर्मा तक पहुंची और उसे सागर से गिरफ्तार कर लिया।
21 करोड़ 5 लाख रुपये की इस साइबर ठगी ने जांच एजेंसियों के सामने बैंक खातों की एक बड़ी श्रृंखला का खुलासा किया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं, कितने म्यूल खाते इस्तेमाल किए गए और ठगी की रकम को किन-किन रास्तों से आगे भेजा गया।
फिलहाल राज्य साइबर पुलिस पूरे सिंडिकेट की गहन जांच कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि अंकित वर्मा से पूछताछ के बाद इस बड़े साइबर फ्रॉड मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

